समकालीन कहानी के तीन स्वर  :आदित्य कुमार गिरि

समकालीन कहानी के तीन स्वर :आदित्य कुमार गिरि

युवा लेखक तथा टिप्पणीकार। सेठ आनंद राम जयपुरिया कॉलेज कोलकाता में शिक्षण।   साहित्य के माध्यम से वंचितों के पक्ष में एक माहौल तैयार किया जा सकता है। उनके जीवन को सामने लाकर आम पाठक को संवदेनशील बनाया जा सकता है। कहानी लिखते समय मेरी यही कोशिश रहती है कि वंचितों...
तीन कहानी संकलन-नई राहें : आदित्य कुमार गिरि

तीन कहानी संकलन-नई राहें : आदित्य कुमार गिरि

युवा लेखक तथा टिप्पणीकार। सेठ आनंद राम जयपुरिया कॉलेज कोलकाता में शिक्षण।       लेखक की जिम्मेवारी समाज के प्रति होती है। जिन सवालों और मुश्किलों से समाज परेशान और जूझ रहा होता है, लेखक उन्हीं सवालों और मुश्किलों से परेशान होता है। कहानीकारों की चुनी हुई...
उत्तर-औपनिवेशिक यथार्थ से संवाद करती कविताएं : आदित्य गिरि

उत्तर-औपनिवेशिक यथार्थ से संवाद करती कविताएं : आदित्य गिरि

युवा लेखक तथा टिप्पणीकार।  संप्रति कोलकाता के सेठ आनंद राम जयपुरिया कॉलेज में शिक्षण।     हर रचना अपने में अलग हो, पहले की पुनरावृत्ति न हो। उसमें हर बार नयापन हो, वरना उसका अर्थ नहीं। जो कविता में अभी तक अघटित है, वह हो। विष्णु नागर का नया काव्य संग्रह है ‘ऐसा...
नव उदारवाद बरक्स समकालीन कहानियां : आदित्य गिरि

नव उदारवाद बरक्स समकालीन कहानियां : आदित्य गिरि

युवा लेखक तथा टिप्पणीकार।  संप्रति कोलकाता के सेठ आनंद राम जयपुरिया कॉलेज में शिक्षण।     कुमार अंबुज का दूसरा कहानी संग्रह है ‘मज़ाक़’। ‘इच्छाएँ’ उनका प्रथम कहानी संग्रह था जिसे काफी लोकप्रियता मिली थी। मज़ाक़ कहानी संग्रह उत्तर-औपनिवेशिक समय के व्यर्थताबोध को प्रकट...