अभिनव राजेश

अभिनव राजेश

    युवा कवि और नाट्यकर्मी। पेशे से डॉक्टर। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। दीवार पर टंगी स्मृतियां एक दिन सारी स्मृतियां खााक हो जाएंगीएक दिन उठूंगाऔर सब भूला जा चुका होगा आने वाला कल भी भुला दिया जाएगा एक दिनयही तो होगा उन सब काजिनका खूब खयाल...