खासी लोक कथाओं में मानवीय मूल्य : अनीता पंडा

खासी लोक कथाओं में मानवीय मूल्य : अनीता पंडा

    वरिष्ठ आदिवासी लेखिका और समीक्षक। दस पुस्तकें प्रकाशित, ‘मेघदल साहित्यिक’ की संपादिका। मानव समाज का वह वर्ग, जो जीवन में सहजता, सरलता में विश्वास रखते हुए परंपरा का निर्वाह करता है ‘लोक’ कहलाता है। लोकसाहित्य ही लोक जीवन का प्रतिबिंब है। इसकी वाचिक...