जा तू अपनी राह बटोही : उपेंद्रनाथ अश्क

जा तू अपनी राह बटोही : उपेंद्रनाथ अश्क

हिंदी साहित्य के कालजयी रचनाकार उपेंद्रनाथ अश्क के जन्मदिन के अवसर पर उनके अल्पज्ञात कवि रूप को समर्पित वागर्थ की विशेष प्रस्तुति. रचना : जा तू अपनी राह बटोहीरचनाकार : उपेंद्रनाथ अश्क आवृत्ति : आयुष श्रीवास्तवध्वनि संयोजन : अनुपमा ऋतु, संपादक अबे कलजुग! हिंदी की पहली...
अफ़ग़ानिस्तान की बेटियां

अफ़ग़ानिस्तान की बेटियां

आज़ाद हवाओं में सांस लेने वालों के लिए कविता एक शगल हो सकती है, लेकिन बारूदी धुएँ से घुटी फिज़ाओं वाले अफगानिस्तान जैसे देशों में कवि होना, गुमनामियों और मौत को दावत देना है। खासतौर पर तब, जबकि आप एक स्त्री हों। लेकिन मायने तो इसी बात के हैं कि जब मौत सामने खड़ी हो तब आप...
क़ैदी और कोकिला : माखनलाल चतुर्वेदी

क़ैदी और कोकिला : माखनलाल चतुर्वेदी

रचना : माखनलाल चतुर्वेदीरचना पाठ : अनुपम श्रीवास्तवसंयोजन-संपादन : उपमा ऋचाप्रस्तुति : वागर्थ, भारतीय भाषा परिषद कोलकाता. अनुपम श्रीवास्तव, उपमा ऋचा, माखनलाल...