कहानी
युवा कथाकार और लेखक। संप्रति : मुंबई में रहनवारी। जेठ का महीना है। लू के झक्कड़ चल रहे हैं। मेहनतकश खुले आसमान के नीचे काम कर रहे हैं और मेहनतकशों का खून चूस कर जीनेवाले परजीवी दोपहर को अपने घरों में पड़े सुस्ता रहे हैं। ऐसा ही एक मेहनतकश ननकू इस भरी गर्मी...
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