दो कविताएं : अनवर शमीम

दो कविताएं : अनवर शमीम

दो काव्य संग्रह ‘यह मौसम पतंगबाज़ी का नहीं है’ एवं ‘अचानक कबीर’ प्रकाशित। संप्रति – स्वतंत्र लेखन। सफ़ेद ख़ाली पन्ने उसे याद आएयुद्ध में गिराए गए बमों से ज़ख़्मीलहूलुहान बच्चेजिन्हें उसने थोड़ी देर पहले हीटी.वी. पर रोते-बिलखते देखा था दूसरे दिन...