कविताएं :  अर्चना लार्क

कविताएं : अर्चना लार्क

  युवा कवयित्री। डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज, दिल्ली में सहायक प्रोफेसर। चींटी सब जानती है एक चींटी लगातार चक्कर लगाती हैरास्ता भूल गई हैकमरे में रोशनी झांक रही है इधर से उधर होतीउसे अपनों के पास होना हैउसे नहीं पताकिसी भी पल उसे रौंद दिया जाएगाकभी नहीं पहुंच पाएगी...
चंद्रबिंद

चंद्रबिंद

    युवा कवि। कविता संग्रह ‘फल्गु किनारे’ तथा एक आलोचना की पुस्तक। संप्रति केंद्रीय विद्यालय में हिंदी शिक्षक।  मैं किसी का आदेश नहीं कितने विद्यार्थियों के मिलने सेएक क्लास बनती हैकितने पेड़ों के मिलने सेबनता है एक जंगलकितने जल-स्रोतों ने मिलकर बनाया होगाएक...
अर्चना लार्क

अर्चना लार्क

    युवा कवयित्री।डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज, दिल्ली में सहायक प्रोफेसर। औरतें वे औरतें आपस में भिड़ गई हैंऐसा दूर से कहा जा सकता थापास आते ही उनकी धंसी आंखों मेंचुहल होती थीमुंंह पर गालियों की बौछारमन में कोई मैल नहींयह साफ देखा जा सकता थाएक चावल बीन रही थीएक...
अर्चना लार्क

अर्चना लार्क

    युवा कवयित्री।डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज, दिल्ली में सहायक प्रोफेसर। गार्गी गार्गी इन दिनों क्या कर रही होकितने सवाल और बचे हैं गह्वर मेंतुम इतनी चुप क्यों रहने लगी होजब बोलती थी तो विद्वानों के कान मेंमधुमक्खी का डेरा जम जाया करता थाउनका अधैर्य असीम क्या...
कविताएं :  अर्चना लार्क

कविताएं : अर्चना लार्क

युवा कवयित्री।डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज, दिल्ली में सहायक प्रोफेसर। शून्य वह जीती है कतरा कतराकुछ बचाती हैकुछ छींट देती है बीज की तरहहाथ जोड़ कहती हैलो उसके अभिनय से सीख ही लिया अभिनयचिल्लाती हैहकीकत में दुनिया अभिनय हैख़ामोश हो जाती हैअब लड़ाई भी खामोशियों से होने लगी...