देर कभी नहीं होती : आशा पांडेय

देर कभी नहीं होती : आशा पांडेय

वरिष्ठ कथाकार।तीन कहानी संग्रह, एक कविता संग्रह, तीन बाल कविता संग्रह प्रकाशित। ‘तू तेरह साल की थी, जब मैं यहां आई।’ वह बोली ‘हां, खेत पर ही तो गई थी मैं।लौटी तो पता चला कि तेरी काकी नहीं रहीं, इसलिए तू कुछ दिन के लिए नाना के घर गई है।’ मैं बोली। ‘मेरे जनम के पहले ही...