अशोक ‘अंजुम’

अशोक ‘अंजुम’

    कई रचना संग्रह प्रकाशित।‘अभिनव प्रयास’ त्रैमासिक पत्रिका का संपादन। गजल १.जब देखो तब आनाकानी, हाय रब्बाबरसे कंबल भीगे पानी, हाय रब्बा! इक दूजे की आस्तीन में रहते हैंफिर भी दिल है हिंदुस्तानी हाय रब्बा! रातों को गिद्धों के सपने आते हैंजबसे बिटिया हुई...