दो कविताएं : अशोक कुमार

दो कविताएं : अशोक कुमार

युवा कवि। ‘मेरे पास तुम हो’ कविता संग्रह। दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में अध्यापक। प्रार्थनाएं किसी दिन हम बचा ही लेंगेअपने हिस्से की जमीनइतनी कि अगर पांव फैलाएंतो सागर में जा गिरेंऔर अगर लेटना चाहेंतो सर पहाड़ पर जा लगेजब हमारी उड़ानदुआओं नहीं हौसलों से तय होगीउस दिन यह...