ग़ज़लें :  अश्विनी कुमार त्रिपाठी

ग़ज़लें : अश्विनी कुमार त्रिपाठी

      युवा गजलकार। संग्रह ‘हाशिये पर आदमी’।  पेशे से व्याख्याता (स्कूल शिक्षा)। एक  जो चिंतनशील थे इस देश के हालात को लेकर झगड़ बैठे वही आपस में अपनी ज़ात को लेकर   वो सारे लोग भी दो गज ज़मीं में ही दफन होंगे वहम  पाले हुए हैं जो  मेरी औकात  को...