भारती बंसल

भारती बंसल

    युवा कवयित्री, पशुप्रेमी। गुफ्तगू जिंदगी में ज्यादा कुछ नहीं चाहिएबस एक दिनजो सिर्फ पहाड़ों को देखते हुए गुजरेएक कप चाय के साथऔर ढेर सारी कहानियां जिसमेंछिपी हो एक गुफ़्तगूकहीं सूखी नदियों की बात होतो कहीं बिखरते बादलों कीऔर जब कोई दोस्त पूछे ‘तुम कैसे...