बिर्ख खडका डुवर्सेली

बिर्ख खडका डुवर्सेली

    वरिष्ठ रचनाकार। अद्यतन पुस्तक ‘नेपाली साहित्य विमर्श’। सूना है मन सूनी सड़कें सूना मनसूना-सूना ही हैहर घर का आंगनकरते हैं हम सबअपने-अपने जतन उम्मीद है जीतने कीहारे हुए सब संग्रामकिलकारियां गुमसुम हैंभजन मांगता है भीखबेचैन परेशान है मासूम बेटा अपने बाप को...