तिरिल : चाहत अन्वी

तिरिल : चाहत अन्वी

    युवा कवयित्री।दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, गया में शोधार्थी। 97 की गर्मियों की धूप में सोमा ने तिरिल को पहली बार देखा था। अपने नए स्कूल में। उसके पिता का ट्रांसफर हर तीन साल में होता रहता था। हर तीन साल में उसकी नन्ही जड़ें जमीन में नमी की तलाश...
चाहत अन्वी

चाहत अन्वी

    युवा कवयित्री।दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, गया में शोधार्थी। हामिद अमीना मुझे माफ़ करोमैं चुरा रही हूँ सभी बच्चों को तुम्हारे हामिद सहितजिन्हें आज तीन कोस दूर ईदगाह जाना है नहीं-नहीं अमीना रोको उन्हेंवापस बुलाओमत जाने दो आज ईदगाह की गलियों की...
चाहत अन्वी

चाहत अन्वी

    युवा कवयित्री।दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, गया में शोधार्थी। धरती का गर्भपात १.घने जंगलों के बीचसिंगरौली में उसका गर्भसदियों से सिंचित थाजिसकी सुरक्षा को लेकरपहरेदारों से ज्यादा सतर्क थीऊंचे पेड़ों पर बैठी नन्ही चिड़ियाचमकीली गिलहरियों के बीच...