चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव

चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव

    सुपरिचित कवि। भारतीय लेखा परीक्षा विभाग में कार्यरत। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। मुट्ठी भर बीज मुट्ठी भर बीज से बनानी है मुझेहरी-भरी समूची पृथ्वीगिनो मत इन बीजों कोइनपर मत हँसोसिर्फ प्रदक्षिणा करोदे सको तो दो मुझेउस जमीन में से गज भर...