देवेंद्र आर्य

देवेंद्र आर्य

    वरिष्ठ कवि। कविता, गीत, गजल की 18 पुस्तकें प्रकाशित। आलोचना की एक पुस्तक ’शब्द असीमित’।   घुटने उम्र के साथ घिसते हैं घुटनेजैसे घिसते हैं दांत पिस जाती हैं बर्तन मांजते मांजतेहथेलियां भीकॉलर घिस जाता हैलिखते लिखते घिस जाती है निबजैसे पिस जाते हैं...
देवेंद्र आर्य

देवेंद्र आर्य

    कविता की 18 पुस्तकें प्रकाशित। आलोचना की पुस्तक  ‘शब्द असीमित’। रेल सेवा से अवकाश प्राप्त। सिद्दीक़ी बाबू जब आपको लगे आप अकेले हैंतो चहल पहल में जाइएसिद्दीक़ी बाबू की तरह हर शामकभी-कभी तो उनकी उदास दोपहरें भीखिली हुई धूप से सजे-धजे गोलघर में कटती हैंकंधे...