देव लाल गुर्जर

देव लाल गुर्जर

    युवा कवि। संप्रति अध्ययन। गांव की औरतें गांव की औरतेंजब चल रही होती हैंकिसी खेत की मेड़ परतो उनके पैरों की गति के साथ-साथ जैसेघूम रही होती है पृथ्वी गांव की औरतेंजब कर रही होती हैंखेत पर सरसों की लावणीतो उनकी सुगंधित देह सेनिकल रही स्वेद की बूंदेंमानो दे...