कविताएं  : ध्रुव गुप्त

कविताएं : ध्रुव गुप्त

 कवि, कथाकार और संस्कृतिकर्मी।प्रकाशित कविता संग्रह – कहीं बिल्कुल पास तुम्हारे, जंगल जहां खत्म होता है, मौसम जो कभी नहीं आता। वे औरतें आजकल मुझे कुछ अपरिचित औरतेंबहुत याद आ रही हैंजैसे कि वह जिसने ट्रेन में मेरे साथअपना खाना बांटकर खाया थावह जिसने जलती रेत...