दिनेश कुमार शर्मा

दिनेश कुमार शर्मा

    युवा कवि। मुंबई के एक सरकारी कार्यालय में कार्यरत। सपने हम दोनों ही देखते हैंसपने जीवन में सब कुछहासिल करने केपर कई बार मेरे सपने टूटे हैंलेकिन हारा नहीं मैं कभीइंसान ख्वाब देखेवह हर बार पूरा हो यह जरूरी नहींअब सोचता हूँजब दो ख्वाब एक साथ मिलेंगेउसमें कई...