दीपक भारती

दीपक भारती

    छत्तीसगढ़ के एक पिछड़े गांव में जन्म।  सामाजिक, सांस्कृतिक, ट्रेड यूनियन और जनांदोलन में भागीदारी। वर्तमान में कोलकाता में रहकर अनुवाद एवं लेखन के कार्य में संलग्न हैं।  ऐसा न हो धरती लहलहाती हैदेह से टपकती बूंदों के दम परक्या ठंड और क्या बरसातचिलचिलाती...