दीप्ति कुशवाह

दीप्ति कुशवाह

    युवा कवयित्री। ‘आशाएं हैं आयुध’ (काव्य संकलन) ‘गही समय की बांह’, ‘दक्ष की फुलवारी’ (बाल कविता संग्रह)। जंगल सुबह आंगन, दोपहर दीवार, शाम मुंडेरधूप की तरह बढ़ती हैं लड़कियांइसी उजाले से डर करउनके सामने खींच दी जाती हैंअनगिनत लक्ष्मण रेखाएं हर बीतते दिन के...