विश्व दृष्टि
हिंदी प्रस्तुति: बालकृष्ण काबरा ‘एतेश’कवि और अनुवादक। कविता संग्रह ‘दूसरा चित्र’, ‘मन की स्याही’, ‘गीत अकवि का’ और ‘अपने-अपने ईमान’। अद्यतन कविता संग्रह ‘छिपेगा कुछ नहीं यहाँ’। विश्व साहित्य के अनुवादों के तीन संग्रह : ‘स्वतंत्रता जैसे शब्द’, ‘जब उतरेगी साँझ शांतिमय’...
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