कविता
वरिष्ठ कवि और अनुवादक। हिंदी और पंजाबी में लेखन। अद्यतन कविता संग्रह ‘कमजोर, कठोर सपने’। आस की टहनी पर इंसान आस की टहनी पर लटका वह पत्ता हैजो नहीं जानताकि कल उसके साथ क्या होगा हरा हरहराया, धोया नहाया-साइतराता इठराता रहा हैलेकिन पर्यावरण क्या सलूक कर...
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