मुझे कविताओं ने बचाया है : गौरव गुप्ता

मुझे कविताओं ने बचाया है : गौरव गुप्ता

युवा कवि और टिप्पणीकार। प्रकाशित कविता संग्रह- ‘तुम्हारे लिए’।  उस रोज़ उस रोजढूंढी था कोई तरकीब किजाते जाते फँस जाए तुम्हारे आंचल का कोरकिसी कील मेंऔर तुम रुक जाओ थोड़ी और देर मेरे पाससोचा थाक्या लिखूं किऔर छूट जाए तुम्हारी आखिरी ट्रेनक्या कहूँ तुमसेकि तुम...