गौरव पांडेय

गौरव पांडेय

    युवा कवि। ‘धरती भी एक चिड़िया है’ कविता संग्रह। संप्रति अध्यापन।   हे मेरी तुम 1.मेरे प्राणों में बहता हुआ प्रकाशकुछ और नहीं तुम होयह नेत्र तुम्हें निहारने को हैंपीड़ा बांटने को हैं हाथपैर साथ चलने कोनाम पुकारने को है जिह्वामेरी बांहें खुली हैं हर ऋतु...