कविता
साहित्य और पत्रकारिता में चार दशकों से सक्रिय। साहित्य की विविध विधाओं में शताधिक पुस्तकें प्रकाशित। अनियतकालीन अनुवाद पत्रिका ‘सद्भावना दर्पण’ का तीन दशकों से संपादन। गजल फिर कोई किस्सा पुराना याद आता हैहाँ, वही गुजरा जमाना याद आता है मां-पिता ने जो...
कविता
साहित्य और पत्रकारिता में चार दशकों से सक्रिय। साहित्य की विविध विधाओं में शताधिक पुस्तकें प्रकाशित। अनियतकालीन अनुवाद पत्रिका ‘सद्भावना दर्पण’ का तीन दशकों से संपादन। साठ के पार स्त्रियां 1.व्याकुल है वहपरेशान हैबार-बार निहारती है दर्पणगौर से देखती है...
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