इस मौसम में ओस नहीं  आंसू गिरता है : गोलेंद्र पटेल

इस मौसम में ओस नहीं आंसू गिरता है : गोलेंद्र पटेल

      काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्र। एक किसानबारिश मेंबाएं हाथ में छाता थामेदाएं में लाठी लिएमौन जा रहा था मेड़ परमेड़ बिछलहर थीलड़खड़ाते-संभलतेअंततः गिरते ही देखा एक शब्दघास पर पड़ा हैउसने उठायाऔर पीछे खड़े कवि को दे दियाकवि ने शब्द लेकर कविता दीऔर उस...