गुंजन श्रीवास्तव ‘विधान’

गुंजन श्रीवास्तव ‘विधान’

    युवा कवि।विभिन्न पत्रिकाओं में कविताएं प्रकाशित। स्त्री की मृत्यु इतनी बड़ी नहीं होगीउसकी मृत्यु की वजह कि कोस सकें उसके परिजन किस्मत तक कोआत्मा की शांति की खातिर मारी जा सकती हैसब्जी में नमक के कम होने परकिसी गैर-मर्द से बात करने के जुर्म मेंहां की जगह न...
कुछ कविताएं : गुंजन श्रीवास्तव ‘विधान’

कुछ कविताएं : गुंजन श्रीवास्तव ‘विधान’

युवा कवि।विभिन्न पत्रिकाओं में कविताएं प्रकाशित। इत्तफाक़ अभी बची हुई थी मेरी दुर्गतिऔर एक मैं थाजो सोच रहा था कि मर जाऊंगा आसानी से बचे थे मेरी जिंदगी के सबसे भयावह दिनमेरा बिलखना सिसकना मेरे हार मान लेने का जश्नहोना था तीनों लोकों मेंमुझे इस क्रूर आधुनिक युग में...