कुछ कविताएं : गुंजन श्रीवास्तव ‘विधान’

कुछ कविताएं : गुंजन श्रीवास्तव ‘विधान’

युवा कवि।विभिन्न पत्रिकाओं में कविताएं प्रकाशित। इत्तफाक़ अभी बची हुई थी मेरी दुर्गतिऔर एक मैं थाजो सोच रहा था कि मर जाऊंगा आसानी से बचे थे मेरी जिंदगी के सबसे भयावह दिनमेरा बिलखना सिसकना मेरे हार मान लेने का जश्नहोना था तीनों लोकों मेंमुझे इस क्रूर आधुनिक युग में...