हरे दुपट्टे वाली : रणीराम गढ़वाली

हरे दुपट्टे वाली : रणीराम गढ़वाली

    वरिष्ठ लेखक। अब तक 3 उपन्यास, 18 कहानी संग्रह, एक लघुकथा संग्रह, 3 बाल पुस्तकें। संपादन-उत्तराखंड कथा समय (उत्तराखंड के 50 लेखकों की कहानियों का चयन तथा संपादन)। कविता संकलन ‘हस्ताक्षर’ का संपादन।     पहली बार जब मैंने उसके चेहरे को देखा तो...
गाढ़े दिन : हंसा दीप

गाढ़े दिन : हंसा दीप

यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो में लेक्चरर के पद पर कार्यरत। यॉर्क यूनिवर्सिटी, टोरंटो में हिंदी कोर्स डायरेक्टर एवं भारतीय विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक रह चुकी हैं। लोक साहित्य पर पुस्तक, चार उपन्यास एवं आठ कहानी संग्रह प्रकाशित। राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान।  ...
टूटी पेंसिल : हंसा दीप

टूटी पेंसिल : हंसा दीप

कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो में लेक्चरर के पद पर कार्यरत। चार उपन्यास और छह कहानी संग्रह प्रकाशित। गुजराती, मराठी, बांग्ला, अंग्रेजी, उर्दू एवं पंजाबी में पुस्तकों और रचनाओं का अनुवाद। अद्यतन पुस्तक ‘मेरी पसंदीदा कहानियाँ’।   पिछले कई बरसों से हर दो साल के...
मूक सूरज : हंसा दीप

मूक सूरज : हंसा दीप

यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो में लेक्चरार के पद पर कार्यरत।उपन्यास, कहानी संग्रह व लोक धरोहर पर पुस्तक प्रकाशित।प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ निरंतर प्रकाशित।   बादल गरज कर चले गए थे।बरसते कैसे, उनके आने का उद्देश्य सिर्फ गरजना ही था।अपनी गूंज से लोगों को डराना...
पुराना चावल : हंसा दीप

पुराना चावल : हंसा दीप

यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो में लेक्चरार के पद पर कार्यरत।पूर्व में यॉर्क यूनिवर्सिटी, टोरंटो में हिंदी कोर्स डायरेक्टर एवं भारतीय विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक।तीन उपन्यास और चार कहानी संग्रह प्रकाशित। टोरंटो के नॉर्थ यॉर्क इलाके की व्यस्ततम रियल इस्टेट एजेंट लोरेन...