दस्तूर : जनार्दन

दस्तूर : जनार्दन

    सुपरिचित कथाकार और कवि। एक उपन्यास ‘पहाड़ गाथा’। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक।   ‘अम्मी, अम्मी अबकी फिराक और ओढ़नी जरूर से किन देना।’  हुलसती हुई नादिरा अम्मी के गले में बांह डाल दी।      ‘अरे, अरे पोतनी मिट्टी लग जाएगी। मुझसे कुछ मत...
जनार्दन

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    सुपरिचित कथाकार और कवि। एक उपन्यास ‘पहाड़ गाथा’। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक।   बूढ़ा आसमान तारीख के पन्ने जब पलटेंगेतब पलट जाएगा बहुत कुछ-ख्यातिनाम सभ्यताओं के मलबे सेचीखने की आवाजेंजेहन का हिस्सा बनेंगीदूधमुंहें बच्चेमार डाली गईंदफना...
पौधे पेड़ बन गए हैं बड़े बाबू : जनार्दन

पौधे पेड़ बन गए हैं बड़े बाबू : जनार्दन

    कथाकार और लेखक। एक उपन्यास ‘पहाड़ गाथा’। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक। जोभियापाट हाट जगमग था। बलनापानी, लटेहर, सोहनकुंडा, बेहलकांटा और दसगाटोली जैसे गांव-खेड़े की दुकानें सजी थीं। कोई मुर्गी तो कोई बकरे के बदले चावल, दाल, नमक, प्याज और हल्दी...
जनार्दन

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    पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित।इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक। मैन ऑफ़ द होल का मरना (२३ अगस्त २०२२ को ब्राजील के रोंदोनिया राज्य के जंगल में एक आदिवासी समुदाय का अंतिम व्यक्ति मरा पाया गया।जंगल के जीवन पर नजर रखने वालों ने उस व्यक्ति को...