जूते की महिमा (बांग्ला) :कल्याण मंडल, अनुवाद :इबरार खान

जूते की महिमा (बांग्ला) :कल्याण मंडल, अनुवाद :इबरार खान

भानु कैवर्त, जग्गू बूनो, मना चांडाल और कदम शेख़ को दरबार में हाजिर किया गया। हालांकि, इन चारों में से कोई भी यह नहीं जानता कि आखिर इनका अपराध क्या है। जानना जरूरी भी नहीं। जबकि दरबार में उपस्थित अन्य सभी भली-भांति जानते हैं कि इनमें से हर एक ने जो अपराध किया है वह बहुत...