कविता
हिंदी और राजस्थानी भाषा की विविध विधाओं में लेखन। राजस्थानी में एक निबंध संग्रह प्रकाशित। संप्रति व्याख्याता। जानवरों की भाषा और मां बहुत बार मेरी मांकरती है बातचीतजानवरों से भीहिनहिनाती हुई बछड़ीगाय के थनों को हूम-हूमकरबिना कहे मां केकब पैठती है गहरे...
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