केशव शरण

केशव शरण

    वरिष्ठ कवि। अद्यतन कविता संग्रह , ‘न संगीत न फूल’, गजल संग्रह ‘बात करते हैं’। इसी जीवन में इसी हवा मेंमैंने अपनी हवा खोई हैइसी पानी मेंअपना पानीइसी चांदनी मेंअपनी चांदनीइसी जीवन मेंमेरा जीवन गुमहवा, पानी, चांदनी तुम। और लोग कौन-सा जूता सही रहेगामेरे पैर...
केशव शरण

केशव शरण

    वरिष्ठ कवि।छह कविता संग्रह,  तीन गजल संग्रह और एक हाइकु संग्रह प्रकाशित। मैं उनका भी मित्र हूँ इतनी धूप में!मित्र को जाने क्यों हैरत हैलेकिन मित्र के परिसर के पेड़ों कोकोई आश्चर्य नहींमैं क्यों धूप से बेफिक्र हूँ उनका हरा सौंदर्य खिल उठा हैउनकी छाया और...