कविता
युवा कवि। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शोधार्थी। एक अलगनी पर दो चिड़िया 1.धीरे-धीरे हमारे पासकेवल अपने लोगों कीतस्वीर बचती है । 2.कमी भरने वालों कीकमी का नाम मृत्यु हैउसका विकल्प न स्मृति है न चेतना… 3.कानी उंगली में लगी चोटपांचों उंगलियों में दर्द...
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