मिसेज़ रायजादा की कोरोना डायरी : किंशुक गुप्ता

मिसेज़ रायजादा की कोरोना डायरी : किंशुक गुप्ता

15 जून, 2020 सामने की खिड़की से पलाश का एक पेड़ दिखता है, झुकी डालियों पर लाल दहकते फूल कोनों से जलने लगे हैं; क्या अपनी अल्पायु के आखिरी क्षणों के सरपट खत्म होने का जरा-भी दुख उन्हें नहीं सालता? अल्पायु मैं, कोरोना से ग्रस्त, निपट एकाकी।मुझे कल यहां भर्ती किया गया।बस...