लोर्का की कविताएं, अनुवाद : मंजु श्रीवास्तव

लोर्का की कविताएं, अनुवाद : मंजु श्रीवास्तव

अनुवादक – मंजु श्रीवास्तवआकाशवाणी में उद्घोषणा के कार्य।कविता संग्रह : ‘हजार हाथ’।बांग्ला और अंग्रेजी से कई रचनाओं का अनुवाद। फेडरिको गार्सिया लोर्का ने अपने 38 साल के जीवन में साहित्य, रंगमंच और चित्रकला में अपनी खास जगह बनाई। संगीत का भी उन्हें अच्छा ज्ञान था।...