स्त्रियां कभी बीमार नहीं पड़तीं : महावीर राजी

स्त्रियां कभी बीमार नहीं पड़तीं : महावीर राजी

    वरिष्ठ लेखक और कथाकार।चार कथा संग्रह प्रकाशित। आज रविवार है। रविवार को दस के पहले बिछावन नहीं छोड़ते प्रभाकर जी। आधे-आधे घंटे पर दो बार चाय! फिर नाश्ता! सब बेड पर! रविवार का नाश्ता जरा स्पेशल होता है। बाकी दिन कॉलेज जाने की हड़बड़ी रहती है। जो मिला गले के...
महावीर राजी

महावीर राजी

    वरिष्ठ लेखक। चार कथा संग्रह प्रकाशित। संप्रति स्वतंत्र लेखन। स्त्री की रोटी स्त्री जब बेलती है रोटीतो रोटी स्वतः ही बिलने लगती हैगोल आकार मेंपति से चुहल करते हुएध्यान कहीं और उलझा रहता है स्त्री कापर हथेलियों में फंसा बेलनफिसलता है लोई पर यूंकि रोटी...