कविता
कवि और अनुवादक। छह कविता संकलन और छह अनुवाद की पुस्तकें प्रकाशित। संप्रति अध्यापन। दोस्त देर तक बैठे उसके साथअनगिनत दुख अपने गिनाएपर दोस्त बहुत ढीठ थाउसने किसी भी दुख कोदुख ही नहीं मानासामने बैठा हुआ मुस्कुराता रहा देर तकमैं भी थक चुका थाउसे अपने...
कविता
वरिष्ठ कवि और अनुवादक। चार कविता संकलन और चार अनुवाद की पुस्तकें प्रकाशित। संप्रति गंज बासौदा में अध्यापन। इतना भर ज़्यादा नहींइतना भर उठा रहूँधरती की सतह सेजैसे गेहूँ की बालियों के ऊपरखिली-खिली रहती हैं सरसोंज्यादा नहींइतना भर खिला रहूँकि मुझे निहारते हुएलड़खड़ाए...
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