मनीष यादव

मनीष यादव

    युवा कवि। विभिन्न पत्रिकाओं में कविताएं प्रकाशित। पहला काव्य-संग्रह ‘सुधारगृह की मालकिनें’। इग्नू में अध्ययन।  पोस्टकार्ड 1.अपनी छोटी आंखों मेंकैद कर लेती हो पूरा शहरसाल का यह कैसा मौसम हैतुम्हारे आने सेपहाड़ों का रंग सफेद हो चुका हैऔर धूप तुम्हारे हाथों...
मनीष यादव

मनीष यादव

    युवा कवि। विभिन्न पत्रिकाओं में कविताएं प्रकाशित। पहला काव्य-संग्रह ‘सुधारगृह की मालकिनें’। इग्नू में अध्ययन। स्त्री का प्रेम आकाश यह क्या बात हुईकि मैं तुमसेअब और नाराज़ नहीं रह सकतातुमसे बातें होती हैंऔर तुम्हारा एक वाक्यमेरे मन में तुम्हारे लिए जो...
मनीष यादव

मनीष यादव

    युवा कवि। संप्रति रेलवे में कार्यरत। पिंजरे अभी और भी बनाए जाएंगे स्वर्ण से सजा दिए जाने के सुख मेंनहीं दिखेगी जब कोई चमकक्या करोगी उस रोज? हल चलाओगीधान बोओगीया मांगोगी अपने हिस्से की जमीन रोटियों के गोलाकार भूगोलऔर चावल के सीझ जाने के अनुभव सेतंग हो...