वे गोश्त खाते हैं हांसदा सौवेंद्र शेखर, अनुवाद : मंजु श्रीवास्तव

वे गोश्त खाते हैं हांसदा सौवेंद्र शेखर, अनुवाद : मंजु श्रीवास्तव

कहानीकार संथाल पृष्ठभूमि के एक महत्वपूर्ण अंग्रेजी कथाकार।कहानी संग्रह ‘द आदिवासी विल नॉट डांस’।पहले की  झारखंड सरकार द्वारा इस पुस्तक पर प्रतिबंध।एक अन्य चर्चित पुस्तक ‘द मिस्टीरियस एलमेंट ऑफ रूपी अनुवादकआकाशवाणी में उद्घोषणा और कार्यक्रम संचालन। बांग्ला तथा अंगरेजी...
दलित चेतना की नई मंजिलें : मधु सिंह

दलित चेतना की नई मंजिलें : मधु सिंह

प्रस्तुति : मधु सिंह विद्यासागर विश्वविद्यालय, मेदिनीपुर में एम.फिल. की शोध छात्रा। कोलकाता के खुदीराम बोस कॉलेज में शिक्षण। आधुनिक युग विमर्शों का युग है। इस काल में शिक्षा और विज्ञान की प्रगति ने लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत किया है। फलस्वरूप साहित्य में...