मनोहर बिल्लौरे

मनोहर बिल्लौरे

    वरिष्ठ कवि। सांस्कृतिक कार्यक्रम से गहरा जुड़ाव। प्रकाशित कविता संग्रह ‘गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध’।   घर की ओर! 1.पंछियों की तरह,चलो, उड़ चलें…ऊपर आकाश मेंबादलों से ले, पहन लेंउनके रुपहले कपड़ेउड़ते हुए आसमान में देखें, ऊपर से अपनी जमीनउसपर हो...