कविता
युवा कवि और लेखक। बाल साहित्य पर सात किताबें प्रकाशित। संप्रति मध्यप्रदेश शिक्षा विभाग में कार्यरत। गजल एककौन जाने कौन किसको खल रहा है आजकलआदमी ही आदमी को छल रहा है आजकल जुगनुओं की फौज काबिज हर बड़ी दुकान परगांव में सूरज समोसे तल रहा है आजकल नींद जो टूटी तो सारे...
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