और वह बंट गया : मार्टिन जॉन

और वह बंट गया : मार्टिन जॉन

नवनिर्मित मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा हो चुकी थी।मंदिर की बाहरी-भीतरी सज्जा के लिए बशीर मियां की तारीफ हो रही थी।उसकी उम्दा कारीगरी से पूरा गांव अभिभूत था।शाम का वक्त था।वह टहलते-टहलते मंदिर के करीब पहुंचकर ठहर गया।प्यार और स्नेह आंखों में भरकर मंदिर को निहारने लगा।उसके...