कहानी
वरिष्ठ लेखक। ‘मुझे एकांत में जीने दो’, ‘झील के उस पार’, ‘खामोशी की आंच’ (कविता संग्रह)। मैं सवेरे उठते ही हर दिन पार्क की ओर चला जाता हूँ, ‘मॉर्निंग वाक’ के लिए। और लोग भी आते हैं। पेड़-पौधों से, फूलों से भरा हुआ पार्क और चहचहाती चिड़ियों की सुंदर आवाजें,...
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