किस बूते धरती पर टिकते : नरेन्द्र पुण्डरीक

किस बूते धरती पर टिकते : नरेन्द्र पुण्डरीक

        सुपिरिचित कवि। अद्यतन कविता संकलन ‘इन हाथों के बिना’। केदारनाथ अग्रवाल स्मृति शोध संस्थान से जुड़े। जब मैं पैदा हुआ थाचांद में बैठी एक बुढ़िया की चर्चा हो रही थीबुधिया के काम के बारे मेंहर आदमी के अलग-अलग विचार थेपचास साल के आस-पास थे पिताइन...