कविता
वरिष्ठ कवि। जोधपुर, महिला पीजी महाविद्यालय में सहायक आचार्य, संस्कृत। कविता संग्रह-‘अंधेरे का उत्तराधिकारी’। घास सुबह-सुबहहँसती है घासजागती है ओसयाअंबर की प्यास! •घास किसी बच्चे की मुस्कान-सीखिल आती हैकहीं भी, कभी भीकिसी ऋतु की अपेक्षा के बिनावह उपेक्षा...
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