सखड़ी : नीतिशा ख़लख़ो कहानी आदिवासी कथाकार।बी.एस. के. कॉलेज मैथन धनबाद में हिंदी की विभागाध्यक्ष।९ सालों तक दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलतराम कॉलेज, और महाराजा अग्रसेन कॉलेज में हिंदी भाषा और साहित्य पढ़ाया। जो होगा आज देख ही लूंगी…. पर….. पर आज तो मैं अपने बच्चे को...
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