निवेदिता झा

निवेदिता झा

    हिंदी-मैथिली में लेखन। हिंदी में पांच कविता संग्रह और मैथिली में तीन पुस्तकें। संप्रति आंबेडकर मेडिकल कॉलेज रोहिणी में काउंसलर। कितने युग और अच्छा लगता हैजब सभी कहते हैंबेटियां बढ़ रही हैं पढ़ रही हैंतभी उनकी चुन्नी खींच ली जाती है जब हम शांति पर इतराते...
समय बदल जो गया है अब : निवेदिता झा

समय बदल जो गया है अब : निवेदिता झा

  हिंदी-मैथिली में लेखन। हिंदी में चार कविता संग्रह और मैथिली में तीन पुस्तकें| संप्रति आंबेडकर मेडिकल कॉलेज रोहिणी में काउंसलर। दो बच्चे साथ खेलते हैंबच्ची चुन लेती है गुड़ियास्त्री स्वयमेव एक ताकत हैवह जानती है कि संभाल लेगीअपने भाई-बहन भीकिसी बड़ी इमारत के बनते...