उपभोक्तावादी विश्व में ‘कामायनी,’ प्रस्तुति : पूजा गुप्ता

उपभोक्तावादी विश्व में ‘कामायनी,’ प्रस्तुति : पूजा गुप्ता

महावीर प्रसाद द्विवेदी पर शोध कार्य। बंगवासी मॉर्निंग कॉलेज में शिक्षण। जयशंकर प्रसाद आधुनिक युग में लिख रहे थे। वे ‘कामायनी’ के माध्यम से पौराणिक युग के यथार्थ व्यक्त न करके अपने युग के यथार्थ व्यक्त कर रहे थे। अपने युग की अच्छी-बुरी प्रवृत्तियों के आधार पर ही...
हिंदी नवजागरण और महावीर प्रसाद द्विवेदी का युग : प्रस्तुति पूजा गुप्ता

हिंदी नवजागरण और महावीर प्रसाद द्विवेदी का युग : प्रस्तुति पूजा गुप्ता

महावीर प्रसाद द्विवेदी पर शोध कार्य। बंगवासी मॉर्निंग कॉलेज में अध्यापन महावीर प्रसाद द्विवेदी ने भारतेंदु युग के हिंदी नवजागरण को अपने लेखन, संपादन और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से विकसित किया। द्विवेदी युग को हिंदी नवजागरण की दूसरी मंजिल माना गया है। उस पर 1905...