पूनम सोनछात्रा की कविताएं

पूनम सोनछात्रा की कविताएं

    युवा कवयित्री। कोलकाता में शिक्षिका। स्त्रियां बचा लेती हैं स्त्रियां अकसर बचा लेती हैं एक मुट्ठी अनाजकहती हैं इससे बरकत रहती हैसहेज रखती हैं नए-पुराने कपड़ेजाने कब कौन से अवसर पर काम आ जाएंगाहे-बगाहे बचाती हैंज्यादा या थोड़ा तेलजरा सी शक्कर और कुछ छंटाक...